हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अनुक्रम के अनुसार नगरपालिका के कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं मिली
इटारसी। उच्च न्यायालय जबलपुर के एक निर्णय के अनुसार नगरपालिका में पदस्थ भृत्य को सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर क्रमवार पदोन्नति दिये जाने का आदेश यशवंत सिंह कौरव विरुद्ध म.प्र.शासन के प्रकरण में आदेश पारित किया गया था। इस आदेश के अनुसार क्रमवार में मदन अगरवाल को पदोन्नति मिली। इसका अनुक्रमांक 2 परंतु अनुक्रमांक 5 में मदनलाल गौर जो कि 8/7/1982 से नगरपालिका में भृत्य के पद पर पदस्थ थे उसे पदोन्नति आज दिनांक तक नहीं मिली और छटवें क्रमांक पर देवी सिंह चौहान जो सेवा में 3/7/1983 को सामान्य पद से भृत्य के पद पर पदस्थ हुआ था इसे पदोन्नति दी गई।
श्रीमती गायत्री बाई भृत्य, क्रं.8 बदामीलाल कहार भृत्य, परसराम, श्रीमती फूलवती बाई चौधरी, क्रं.12 श्रीमती सावित्री बाई रैकवार, श्रीमती कौशल्या बाई जैन भृत्य, श्रीमती सिंधू बाई दुबे भृत्य, शिवप्रसाद माल्हा भृत्य की उपेक्षा करते हुए रमेश दुबे जो कि 1/2/2090 को भृत्य के पद पर पदस्थ हुआ, राजेश सराठे 1/2/1990 को पदस्थ हुआ। रामनरायण चंदेल 1/2/1990 को भृत्य के पद पर पदस्थ हुआ। अनूप चौधरी 1/2/1990 को भृत्य के पद पर पदस्थ हुआ। कृष्ण कुमार चौधरी 1/2/1990 को भृत्य के पद पर पदस्थ हुआ इन्हें पदोन्नति नहीं मिली। ओमप्रकाश यादव 1/2/1990 को पदस्थ हुआ, सुखदेव प्रसाद चौरे, हरिसिंह भृत्य की उपेक्षा की गई और छटवें क्रमांक पर यशवंत सिंह कौरव को हाईकोर्ट के आदेश पर पदोन्नति प्रदान की गई जो कि गाडरवारा नगरपालिका में वर्तमान में पदस्थ है इनको पदोन्नति मिली।
इसी प्रकार विनोद कुमार चौधरी भृत्य 30/10/1996 को भृत्य के पद पर पदस्थ हुआ जिसे पदोन्नति प्राप्त हुई। इस प्रकार भृत्यों की क्रमवार सूची में क्रमवार पदोन्नति न देकर छांट-छांटकर पदोन्नति दी गई है जिससे वर्षों पूर्व नगरपालिका में भृत्य के पद पर पदस्थ नगरपालिका के कर्मचारी सहायक राजस्व निरीक्षक की पदोन्नति से वंचित रहे है। भृत्य की अपेक्षा सहायक राजस्व निरीक्षक का वेतनमान 5200-20200 +1900 पे का ग्रेड है। जो यह इन्हें पदोन्नति पश्चात मिलेगा। इस पदोन्नति से भृत्य को रिटायर्ड होने पर मिलने वाली पेंशन का लाभ मिलता है परंतु जो पढ़े-लिखे भृत्य पदोन्नति से वंचित हुए है उन्हें सेवानिवृत्ति पेंशन भी कम प्राप्त होगी और आज वेतन भी सहायक राजस्व निरीक्षक की अपेक्षा कम मिल रहा है जिससे नगरपालिका के संबंधित भृत्यों में असंतोष व्याप्त है। अपेक्षा है कि नगरपालिका अध्यक्ष सुधा अग्रवाल इस ओर गंभीरता से ध्यान देंगी और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश देंगे कि वह कार्यालय की सूची में वरिष्ठता के आधार पर संबंधित भृत्यों को अविलंब सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति प्रदान करें अथवा रिक्त मुर्हरिर के पदों पर नियुक्ति दें ताकि उन्हें नगरपालिका की सर्विस में एकाद पदोन्नति का लाभ मिल सके। अभी वह जिस पद पर भर्ती हुए है उसी पर वर्षों से पदस्थ है।